Kumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

Kumbhalgarh Fort History in Hindi: Friends आप ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना(The Great Wall of China) से तो भली-भांति परिचित होंगे. लेकिन हम यहाँ चाइना(China) की नहीं India की बात कर रहे हैं, तो ऐसी ही एक wall है India में. जी हाँ, India में भी एक ऐसी wall है जो Great wall of China की तरह प्रसिद्ध(Famous) है.

यह Rajasthan के udaypur के Rajasmad में स्थित है. यह दीवार है कुम्भलगढ़ किले की. यह दीवार 36 km लम्बी और 15 feet चौड़ी है. माना जाता है कि इस दीवार(Wall) की चौड़ाई इतनी है कि 10 घोड़े एक ही समय में इस दीवार(wall) पर दौड़ सकें.Kumbhalgarh Fort HistoryKumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) का निर्माण महाराणा कुम्भा ने 15 वीं शताब्दी(century) में कराया था. कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) अरावली पर्वत पर समुद्र तल(Sea Level) से करीब 1100 meter की ऊँचाई(Height) पर स्थित है. कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) मेवाड़(Mewar) के सबसे सुप्रसिद्ध किलों(fort) में शामिल है.

वर्ष 2013 में Cambodia के Penh में organized World Heritage committee ने कुम्भलगढ़ किले(Kumbhalgarh Fort) के साथ-साथ Rajasthan के और भी कई किलों को World Heritage Site announce किया. कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) चित्तौडगढ़ फोर्ट के बाद Rajasthan का दूसरा सबसे बड़ा किला(Fort) है. 38 km की wall के साथ यह फोर्ट The Great Wall of China के बाद दुनिया का सबसे विशाल दीवार वाला फोर्ट(fort) है.

कुम्भलगढ़ किले के निर्माण की कहानी

कुम्भलगढ़ किले(Kumbhalgarh Fort) के निर्माण की कहानी भी इसी की तरह अजीब है. राणा कुम्भा(Rana Kumbha) ने इसका निर्माणकार्य(construction) वर्ष 1443 में प्रारम्भ(start) करवाया था. परन्तु निर्माणकार्य(construction) में अचानक अरचन आने लगी. राजा राणा कुभा किले के निर्माणकार्य(construction) को लेकर बहुत ही चिंतित होने लगे.Kumbhalgarh Fort History 01Kumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

राजा ने एक संत को बुलाया. संत ने राजा को बताया कि जब तक कोई स्वच्छ मनुष्य स्वयं को बलि के लिए प्रस्तुत नहीं करेगा तब तक निर्माणकार्य(construction) आगे नहीं बढेगा. राजा(king) की चिंता और बढ़ गयी. वह सोच में पड़ गया कि बलि(sacrifice) के लिए कोन आगे आएगा. चिंतित राजा को देख कर संत(saint) ने कहा कि वह स्वयं ही बलि होने के लिए तयार है.

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संत ने राजा से स्वयं बलि(sacrifice) होने की आज्ञा(permission) मांगी और कहा कि मुझे पहाड़ी पर चलने दिया जाए और जहाँ भी मैं रुकूँ वही मेरी बलि दे दी जाये. जहा मेरी बलि(sacrifice) दी जाये वहां देवी का एक मंदिर(temple) बना दिया जाये.

राजा ने संत(saint) की बात मान ली. संत पहाड़ी पर 36 km तक चलने के बाद रुक गया और वचन अनुसार वही उसका सर काट दिया गया. जिस जगह संत(saint) का सर गिरा वह मुख्य द्वार(Main Door) बना दिया गया, जो कि हनुमान पोल(Hanuman Pol) के नाम से जाना जाता है. जहा धड़ गिरा वह दूसरा मुख्य द्वार(main door) बनाया गया.

Kumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

मान्यता है कि राणा कुम्भा(Rana Kumbha) ने रात में कार्य करने के लिए 100 किलो रूई और 50 किलो घी का प्रयोग करते, जिससे रोशनी(Light) के लिए बड़े बड़े लैंप(lamp) जलाये जा सके.

कुम्भलगढ़ किले का इतिहास | Kumbhalgarh Fort History in Hindi

इतिहासकारों के पास कुम्भलगढ़ किले(Kumbhalgarh Fort) के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन फिर भी जितनी भी जानकारी इस किले(fort) के बारे में मौजूद है उसे हम यहाँ आपके साथ share कर रहे हैं.

कुम्भलगढ़ महाराणा प्रताप की जन्म भूमि(Birth Place) है. 19वीं शताब्दी(century) तक कुम्भलगढ़ किले(Kumbhalgarh Fort) पर महाराणा प्रताप का कब्ज़ा था. महाराणा प्रताप मेवाड़(Mewar) के वीर योद्धा और एक महान शासक(ruler) थे. लोगो का कहना है कि कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) का प्राचीन नाम(Old name) मछिन्द्रपुर था.

Kumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

मान्यता है कि वास्तव में कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) का निर्माण(construction) छटी शताब्दी(century) में मौर्य समाज के राजा सम्प्रति ने कराया था. परन्तु वर्तमान(Present) में हम जिस कुम्भलगढ़ फोर्ट(Kumbhalgarh Fort) को देखतें हैं उसे हिन्दू सिसोदिया राजपूतों ने बनवाया था, इन्ही राजपूतों का कुम्भ पर राज था.

Kumbhalgarh Fort History in Hindi | Great Wall of India – कुम्भलगढ़ किला

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