Ishwara Mahadev Mandir | कौन करता है ईश्वरा महादेव मंदिर में पूजा- Ajeeb Kahani

Ishwara Mahadev Mandir: ग्वालियर(Gwalior) के मुरैना पहाडगढ़ से करीब 15 km दूर एक घने जंगल के बीच स्थित है ईश्वरा महादेव मंदिर(Ishwara Mahadev). एक हजार वर्ष पूर्व ईश्वरा महादेव मंदिर(Ishwara Mahadev Temple) का पता चला था. यह घने जंगल में झरने(Waterfall) के नीचे बना हुआ है.

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बताया जाता है कि इस मंदिर(Temple) की स्थापना(built) रावण के भाई विभीषण ने की थी. तब से आज तक इस मंदिर(Temple) के शिवलिंग(shivling) के शीर्ष पर झरने(Water Fall) से लगातार जलाभिषेक होता रहता है.ishwara mahadev mandir

क्या है ईश्वरा महादेव मंदिर का रहस्य | Mystery of Ishwara Mahadev Temple

मान्यता है कि ईश्वरा महादेव(Ishwara Mahadev) के मंदिर में सुबह साढ़े तीन से चार बजे के बीच यहाँ इस मंदिर(Temple) में कोई अदृश्य शक्ति पूजा करके चली जाती है. इस तरह रहस्यमय(Mysterious) ढंग से होने वाली पूजा(worship) की पहेली को आज तक कोई नहीं सुलझा पाया है. ईश्वरा महादेव(Ishwara Mahadev) मंदिर में स्थित शिवलिंग पर पूरे साल कुदरती(naturally) ठंग से पानी की बूंदे टपकती रहती है और साल भर शिवलिंग(shivling) पर जलाभिषेक होता रहता है.

Ishwara Mahadev Mandir | कौन करता है ईश्वरा महादेव मंदिर में पूजा- Ajeeb Kahani

इस मंदिर(temple) में पहुँचने के रास्ते(way) बहुत ही दुर्गम है. एक तो घना जंगल उसपर दुर्गम रास्ता(way), रात्री(night) के समय मंदिर(temple) तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल हो जाता है. परन्तु फिर भी बहुत बड़ी संख्या में लोग अपनी मनोकामनाएं(Desires) लेकर इस मंदिर(temple) में आते है. खासकर महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहाँ लोग पूजा(worship) करने आते हैं.

Ishwara Mahadev Mandir | कौन करता है ईश्वरा महादेव मंदिर में पूजा- Ajeeb Kahani

स्थानीय लोगों का मानना है कि ईश्वरा महादेव मंदिर(Ishwara Mahadev) में एक संत तपस्या करते थे, रामदास महाराज. संत रामदास महाराज सुबह-सुबह(early morning) शिवलिंग की पूजा करते थे. रामदास जी के ब्रह्मलीन होने के बाद भी मंदिर(temple) में पूजा-अर्चना नियमित समय से अदृश्य(invisible) रूप से होती रहती थी.

Ishwara Mahadev Mandir | कौन करता है ईश्वरा महादेव मंदिर में पूजा- Ajeeb Kahani

ईश्वरा महादेव मंदिर(Ishwara Mahadev) के पुजारी यही समझते रहे कि शायद कोई शिव भक्त ही सुबह-सुबह(early morning) पूजा-अर्चना करके जाता होगा. परन्तु कई दिनों पश्चात जब पूजा(worship) करने वाला कोई भी नहीं दिखाई दिया तो लोगो के मन में कौतूहल(curiosity) का विषय बन गया. लोगों के मन में इस रहस्य(mystery) को जानने की जिज्ञासा(curiosity) हुई, परन्तु घना जंगल होने के कारण वह रात को कोई रुकता नहीं था. इसलिए मंदिर(temple) में कोन पूजा करता है यह एक रहस्य(mystery) ही रहा.

राजा ने खड़ी की फ़ौज फिर भी हो गयी पूजा

ईश्वरा महादेव मंदिर(Ishwara Mahadev) के रहस्य(mystery) को जानने की जिज्ञासा(curiosity) इतनी बढ़ गयी की पहाडगढ़ रियासत के राजा पंचम सिंह ने मंदिर(temple) के पास फ़ौज खड़ी कर दी. राजा पंचम सिंह ने मंदिर(temple) में होने वाली पूजा के रहस्य(mystery) को जानने के लिए मंदिर(temple) के चारो तरफ अपनी फ़ौज लगा दी. अचानक सुबह चार बजे से पहले सभी सैनिक मूर्छित(unconscious) अवस्था में चले गए. सुबह जब उनकी आँखें खुली और उन्होंने मंदिर(temple) में जाकर देखा तो कोई पूजा करके जा चूका था.

मिले अनोखे बेलपत्र

ईश्वरा मंदिर(Ishwara Mahadev) के पास अनोखे किस्म के बेलपत्र पाए जाते है. आमतौर पर बेल की पत्तियां 3-3 के group में होती है पर यहाँ मंदिर के पास वाले पेड़ों पर 5-5 और 7-7 के group वाली पत्तियां भी मिलती हैं. और पुजारियों को कभी-कभी यहाँ 21 के group वाली पत्तियां भी शिवलिंग(shivling) पर चढ़ी हुई मिली हैं.

Ishwara Mahadev Mandir | कौन करता है ईश्वरा महादेव मंदिर में पूजा- Ajeeb Kahani

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