Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह – भानगढ़ किला

Bhangarh Fort Story in Hindi- वैसे तो राजस्थान में बहुत से सुन्दर किले हैं जिन्हें आपको जरुर देखना चाहिए और राजस्थान भी भारत की एक बहुत सुन्दर जगह है. सम्पूर्ण राजस्थान रहस्यों से भरा हुआ है. ट्रेवल करने वाले लोगों को एक बार राजस्थान अवश्य घूमना चैये तथा यहाँ के इतिहास के बारे में जरूर जानना चाहिए.

Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह

Bhangarh Fort Story in Hindiभानगढ़ किले का इतिहास- राजस्थान में बहुत से ऐसे किले हैं जिनके रहस्यों के बारे में कोई नहीं जनता. सदियों से उनके बारे में बस चर्चायें होती रहती हैं.

ऐसे किलों में एक किला है भानगढ़ फोर्ट, जो अपने बर्बाद होने की वजह के इतिहास को लेकर चर्चाओं में रहता है. Bhangarh Fort Rajasthan के Alwar dist. में स्थित है. भानगढ़ किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो सिंह ने करवाया था.

उस समय अकबर का शासन काल था और राजा माधो सिंह सेना के जनरल थे. निर्माण के पश्चात् यह किला करीब 300 वर्षों तक फला-फूला और आबाद रहा.

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Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह – भानगढ़ किला

Bhangarh Fort सुरक्षा की द्रष्टि से बहुत ही अच्छी तरह design किया गया है. यह किला चारों तरफ से पहाड़ियों से ढका हुआ है. सुरक्षा को ध्यान में रखकर इसे कई भागों में बनाया गया है. किले को बनाने के लिए बहुत ही मजबूत पत्थरों का प्रयोग किया गया है. किले के अंदर बहुत सुन्दर शिल्प्कलायें और मंदिर मौजूद हैं.

दीवारों और स्थंबों पर गजब की नक्काशी देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं की भानगढ़ किला अपने समय पर कितना खूबसूरत रहा होगा.

भानगढ़ किले का रहस्य | Mystery of Bhangarh Fort in Hindi

Bhangarh Fort Story in Hindi02यहाँ के लोगों का मानना है कि, भानगढ़ की एक राजकुमारी थी रत्नवती जोकि बहुत ही सुन्दर थी. उस समय पूरे राज्य में उनके रूप की खूब चर्चायें थी. १८ वर्ष की आयु में ही देशभर के राज्यों के राजकुमारों के विवाह प्रस्ताव आते थे. दिन-प्रतिदिन राजकुमारी रत्नावती का रूप और निखरता जा रहा था. जो भी उन्हें देखता था उन्हें देखता ही रह जाता था और उन्हें पाने की खुआइश करता था.

एक बार राजकुमारी रत्नावती अपनी सखियों के साथ किले के बाहर बाजार गयी. बाजार में घुमते हुए राजकुमारी और उनकी सखियाँ एक इत्र की दुकान पर जा पहुंची. राजकुमारी रत्नावती ने इत्र को सूंघने के लिए इत्र हाथ पर लगाया और उसकी खुशबू सूखने लगी. राजकुमारी से कुछ ही दूरी पर एक सिन्धु सेवड़ा नाम का एक व्यक्ति दूर से खड़े होकर उन्हें बड़े ध्यान से देख रहा था.

Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह – भानगढ़ किला

सिन्धु सेवड़ा भानगढ़ राज्य में ही रहता था तथा काले जादू की कलाओं और तंत्र विद्द्याओं में उसे महारथ हांसिल थी. जब उसने राजकुमारी रत्नावती को देखा तो वह उनके रूप का दीवाना हो गया. राजकुमारी रत्नावती से एक तरफ़ा प्रेम में वो इतना पागल सा हो गया और किसी भी कीमत पर राजकुमारी रत्नावती को हांसिल करना चाहता था.

जिस समय राजकुमारी रत्नावती दुकान पर खड़े होकर इत्र की खुशबू ले रही थी, उसी समय सिन्धु सेवड़ा दुकान के पास आया. जो इत्र की बोतल रत्नावती ने पसंद की थी उस तांत्रिक ने उस बोतल पर वशीकरण कर दिया, ताकि राजकुमारी रत्नावती सिन्धु सेवड़ा से प्रेम करने लगे और उससे विवाह कर ले.

Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह – भानगढ़ किला

परन्तु ऐसा हो न सका. राजकुमारी रत्नावती के एक विश्वशनीय व्यक्ति ने रत्नावती को सिन्धु सेवड़ा के इस राज का खुलासा कर दिया. राजकुमारी रत्नावती ने इत्र की उस बोतल को जिसपर तांत्रिक ने वशीकरण किया था, उसे पत्थर पर पटक कर तोड़ दिया. बोतल का सारा इत्र पत्थर पर फ़ैल गया. जैसे ही इत्र पत्थर पर गिरा पत्थर फिसलने लगा और फिसलते-फिसलते सिन्धु सेवड़ा के पीछे लुढ़कने लगा. अंततः पत्थर ने तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा को कुचल डाला.

तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा ने मरने से पहले श्राप दिया कि भानगढ़ किले में रहने वाले सभी व्यक्तियों की जल्दी ही मृत्यु हो जाएगी. उनकी आत्माएं सदैव इस किले में भटकती रहेंगी वो कभी दुबारा जन्म नहीं ले सकेंगी. यह कहकर तांत्रिक ने अपने प्राण त्याग दिए.

Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह

तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा की मृत्यु के कुछ समय पश्चात अजबगढ़ और भानगढ़ में घनघोर युद्ध हुआ तथा किले में रहने वाले सभी लोग मारे गए. इस युद्ध में राजकुमारी रत्नावती की मृत्यु हो गयी. तांत्रिक सिन्धु सेवड़ा की बात सच हुई. उस किले में इतना कत्लेआम मचा कि किले की दीवारें दहल उठी. लोग कहते है कि आज भी इस किले में मरने वाले लोगों की आत्माएं घूमती है और चींखती है.

सूर्यास्त के पश्चात कोई नहीं रुकता किले में

यहाँ के लोगों का कहना है कि सूर्यास्त के बाद कोई भी इस किले के अंदर नहीं रहता है. यदि कोई व्यक्ति रात में इस किले में रुक जाता है तो कभी वापस नहीं आता. गौर करने वाली बात तो यह है कि पुरातत्व विभाग हर जगह हर किले में अपने दफ्तर बनाये हुए हैं, परन्तु इस किले के संरक्षण के लिए विभाग ने भानगढ़ से दूर आपना दफ्तर बनाया है.

मंदिरों की विशेषता

इस किले में बहुत से भव्य मंदिर बने हुए है. भगवान सोमेश्वर का मंदिर, भगवान गोपीनाथ मंदिर, मंगलादेवी का मंदिर, केशव राय का मंदिर इस किले में विद्द्यामन हैं.

इन मंदिरों की विशेषता यह है कि जहाँ पूरा का पूरा किला खंडर में तब्दील हो चूका है वहीँ यहाँ के ज्यादातर मंदिर सही सलामत है. परन्तु उनके अंदर की देवी-देवताओं की मूर्तियाँ गायब है. सोमेश्वर मंदिर में शिवलिंग अभी भी मौजूद है.

तो ये थी भानगढ़ किले की रहस्यमय कहानी. आपको ये लेख कैसा लगा हमें कमेंट में जरूर लिखिए. Bhangarh Fort Story in Hindi भारत की सबसे डरावनी जगह -भानगढ़किला

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